Friday, 30 January 2015

ओ गाँधी

ओ गाँधी,
तुम्हारे जाने के बाद भी .....
हमने जिन्दा तो रखा है तुम्हे ....

वैष्णव जन गा के मौत पर ,
सौ से हजार के  नोट पर ..

लटका के स्कूल की दीवार में  ,
चिपका के नेता जी की कार में  ..

टोपी से, चुनाव के हर भाषण से   ,
खादी से, चरखे से, मुफ्त राशन से..  

पार्क के, सड़क के, योजना के नाम तक ,
रामराज्य तक, दायें तक, वाम तक ..

ओ गाँधी,
हम गोड़से को हत्यारा पुकारते है....
और फिर रोज गांधी को मारते है ..

#अमितेष